मृत्यु की दस्तक

300
जीवात्मा के लिए सबसे बारे सत्य है मृत्यु. जीवन में केवल मृत्यु ही अवश्यम्भावी है क्योंकि यही एक स्थिति है जो जोगी और भोगी, राजा और रैंक, शाशक और शाषित - किसी भी वर्ग में भेदभाव नहीं रखती. अलग-अलग धर्मों और दर्शनों ने अपने ही दृष्टिकोण से इसकी व्याख्या की है.

वराहमिहिरकृत पञ्चसिद्धान्तिका

250
पंचसिद्धांतिका में वर्णित विषयों में सौर एवं रोमक सिद्धांतों पर आधारित अहर्गण की गणना, अधिमास, क्षय तिथियों की गणना, वर्ष, मॉस अदि के सूत्र प्रस्तुत किये गए हैं. ग्रहों की गति का विश्लेषण तथा पॉलिश, रोमक एवं सौर सिद्धांत पर आधारित सूर्य एवं चंद्र ग्रहण की गणना-विशि भी प्रस्तुत की गयी है.