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भगवती काली ही कंकाल मालिनी हैं. कंकाल मालिनी का अर्थ ‘मुण्डमालिनी काली’ है. इस ग्रंथ के आद्यंत पाठ करने पर
निलादेवी दसमहा विद्याओं में अन्यतम द्वितीय महाविद्या तारा देवी का ही रूपभेद मात्रा हैं. प्रत्येक महाविद्या ही एक अखण्ड महाविद्या
Indian Sastras almost universally lay down three/four aims of life for a normal human being. These, consisting of Artha, Dharma
इस पुस्तक में मुख्यत – षट्कर्मों, यक्षिणियों, चेटकों तथा अनन्य काम्यकर्मों और कौतुकों आदि से संबंध विस्तृत और प्रामाणिक वर्णन
ग्रन्थ में राधिका को स्त्रीदेवताओं में उच्चतम स्थान दिया गया है. भगवान शिव राधा के सहस्रनाम के माहात्म्य की चर्चा
इस मंत्रशास्त्र के ही प्रभाव से प्राचीनकाल में मनुष्य न केवन देवताओं पर विजय प्राप्त करने में सफल होता था,
The Mantramahodadhi (a vast ocean of mantras) enjoys special significance. This Sixteenth Century work, according to Pt. Shukadeva Chaturvedi, is
मंत्रशास्त्र की प्रत्येक पुस्तक में लिखा है की पुस्तक में लिखा मंत्र निष्प्रभावी होता है क्योंकि प्रत्येक मंत्र को जागृत
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