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कालचक्रतन्त्रम (संस्कृत मूल एवं हिंदी अनुवाद)

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श्री कालचक्रतंत्र का उपदेश यशस्वी राजा सुचन्द्र के प्रश्नों के बाद भगवन तथागत शाक्यमुनि ने किया है. इस ग्रन्थ का