Shop
रुद्रयामलम उत्तरतन्त्रम
लघुसिद्धान्तकौमुदी
लिंगधारण चन्द्रिका
वराहमिहिरकृत पञ्चसिद्धान्तिका
विचार-पियूष
विज्ञान भैरव (Sanskrit-Hindi)
विज्ञान भैरव तंत्रसाधना का अद्वितीय ग्रन्थ है जिसकी व्याख्या आचार्य द्विवेदी जी ने की इस पुस्तक में योग तंत्र एवं साधना का अद्वितीय संगम है तथा उसके सही अर्थ की व्याख्या है. 'इस ग्रन्थ में आचार्य श्री कहते है- "विज्ञानभैरव प्रश्न-प्रतिवचनात्मक शैली में लिखा गया एक अगम ग्रन्थ है. प्रश्न देवी अथवा भैरवी करती है और उसके उत्तर भगवन भैरव देते हैं.