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रहस्य

300

सत्य घटनाओं पर आधारित अविश्वसनीय रहस्य कथाएँ।

रुद्रयामलम उत्तरतन्त्रम

600

'रुद्रयामल उत्तरतंत्र: सिद्धांत, साधना एवं रहस्य' कई दृष्टिकोण से अनूठी कृति है. तंत्र जैसे गुह्य विषय पर भ्रान्ति और पाखंड का निराकरण करते हुए विज्ञानं सम्मत प्रमाणिकता का उद्घोष इस पुस्तक की सबसे बरी विशेषता है.

लघुसिद्धान्तकौमुदी

495

(पदच्छेद, समास, अनुवृत्तिक्रम, सूत्रार्थ, भावार्थों का विशेष स्फोरण, विस्तृत हिंदीव्याख्या, प्रयोगसिद्धि के साथ विशेष उदाहरण एवं अभ्यासार्थ प्रस्नावलीसहित)

लिंगधारण चन्द्रिका

150

Linga Dharana Chandrika – By Nandikeshwar Shivacharya with “Sharat” Commentary in Sanskrit by M.M. Pt. Shivakumar Shastri and a Hindi

वराहमिहिरकृत पञ्चसिद्धान्तिका

250

पंचसिद्धांतिका में वर्णित विषयों में सौर एवं रोमक सिद्धांतों पर आधारित अहर्गण की गणना, अधिमास, क्षय तिथियों की गणना, वर्ष, मॉस अदि के सूत्र प्रस्तुत किये गए हैं. ग्रहों की गति का विश्लेषण तथा पॉलिश, रोमक एवं सौर सिद्धांत पर आधारित सूर्य एवं चंद्र ग्रहण की गणना-विशि भी प्रस्तुत की गयी है.

वह रहस्यमय संन्यासी

275

आश्चर्यजनक अविश्वसनीय सत्य  कथा प्रसंग।

विचार-पियूष

500

सनातन धर्म के गूढ़ रहस्यों को सरलतापूर्वक समझना है तो धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज के विचारों को ही आत्मसात

विज्ञान भैरव (Sanskrit-Hindi)

295

विज्ञान भैरव तंत्रसाधना का अद्वितीय ग्रन्थ है जिसकी व्याख्या आचार्य द्विवेदी जी ने की इस पुस्तक में योग तंत्र एवं साधना का अद्वितीय संगम है तथा उसके सही अर्थ की व्याख्या है. 'इस ग्रन्थ में आचार्य श्री कहते है- "विज्ञानभैरव प्रश्न-प्रतिवचनात्मक शैली में लिखा गया एक अगम ग्रन्थ है. प्रश्न देवी अथवा भैरवी करती है और उसके उत्तर भगवन भैरव देते हैं.