सुत्तपिटके दीघनिकायपालि – ३ खण्डों में (१. सीलक्खन्धवग्गो २.महावग्गो ३.पाथिकवग्गो ) हिन्दी अनुवादसहित। The Dighanikayapali – in 3 volumes (1. Silakkhandha Vagga 2. Maha Vagga 3. Pathika Vagga) with Hindi translation.

₹2,500

दीघनिकाय ग्रन्थ में बुद्धाभिमत दर्शन के साथ यथाप्रसङ्ग तत्कालीन इतिहास, भूगोल,राजनीति एवं सामाजिक व्यवस्था भी भगवान बुद्ध के प्रवचनों में ओतप्रोत है।

सुत्तपिटके संयुक्तनिकायपालि (४ खण्डों में ) १. सगाथवग्गो २. निदानवग्गो ३. खन्धवग्गो ४.सलायतनवग्गो ५. महावग्गो (हिन्दी अनुवाद सहित), Samyuttanikayapali of Suttapita ( 4 vol. with Hindi translation) 1. Sagath Vagga 2. Nidana Vagga 3. Khandha Vagga Ch 4.Salayatana Vagga 5.Maha Vagga

₹4,200

संयुक्तनिकाय भगवान् बुद्ध के उपदिष्ट सूत्रों के संग्रह है।
समस्त सुत्तपिटक में दार्शनिक दृष्टि से संयुक्तनिकाय का स्थान बहुत महत्वपूर्ण है।