सुत्तपिटके खुद्दनिकाये विमानवत्थुपालि, पेतवत्थुपालि (हिन्दी अनुवादसहित) , The Vimanavatthupali Petavathupali (Khuddakanikayapali) with hindi Translation

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बौद्ध धर्म में जनसाधारण के लिए जिस नीतिविधान का आदर्श रखा गया है उसी का दिग्दर्शन ये दोनों ग्रन्थ करते हैं जिनको बौद्ध धर्म में सद्गृहस्थों के लिये आदरणीय एवं ग्राह्य मन गया है।

सुत्तपिटके दीघनिकायपालि – ३ खण्डों में (१. सीलक्खन्धवग्गो २.महावग्गो ३.पाथिकवग्गो ) हिन्दी अनुवादसहित। The Dighanikayapali – in 3 volumes (1. Silakkhandha Vagga 2. Maha Vagga 3. Pathika Vagga) with Hindi translation.

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दीघनिकाय ग्रन्थ में बुद्धाभिमत दर्शन के साथ यथाप्रसङ्ग तत्कालीन इतिहास, भूगोल,राजनीति एवं सामाजिक व्यवस्था भी भगवान बुद्ध के प्रवचनों में ओतप्रोत है।

सुत्तपिटके संयुक्तनिकायपालि (४ खण्डों में ) १. सगाथवग्गो २. निदानवग्गो ३. खन्धवग्गो ४.सलायतनवग्गो ५. महावग्गो (हिन्दी अनुवाद सहित), Samyuttanikayapali of Suttapita ( 4 vol. with Hindi translation) 1. Sagath Vagga 2. Nidana Vagga 3. Khandha Vagga Ch 4.Salayatana Vagga 5.Maha Vagga

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संयुक्तनिकाय भगवान् बुद्ध के उपदिष्ट सूत्रों के संग्रह है।
समस्त सुत्तपिटक में दार्शनिक दृष्टि से संयुक्तनिकाय का स्थान बहुत महत्वपूर्ण है।