सुत्तपिटके खुद्दनिकाये खुद्दकपाठपालि, उदानपालि, इतिवुत्तकपालि, चरियापिटकपालि (हिन्दी अनुवाद सहित ), The KhuddakaPatha, Udana, Itivuttaka & Cariyapitaka (KhuddakaNikayaPali) with Hindi Translation.

₹900

पालि के सर्वोत्तम काव्य-उद्धार खुद्दकनिकाय के ग्रंथों में सन्निहित है। और उनका प्रणयन मानवीय तत्वों के आधार पर चार निकायों के बाद हुआ है। उनमें से अनेक अत्यन्त प्रचीनयुग के भी है।
खुद्दकनिकाय का अधिकांश स्वरूप काव्यात्मक होते हुए भी उसकी मूल भावना सर्वांश में बौद्ध है। अपितु उसकी गाथाओं में अनेक तो पिटक -संकलन के प्राचीनतम युग के सूचक भी हैं।

सुत्तपिटके खुद्दनिकाये विमानवत्थुपालि, पेतवत्थुपालि (हिन्दी अनुवादसहित) , The Vimanavatthupali Petavathupali (Khuddakanikayapali) with hindi Translation

₹600

बौद्ध धर्म में जनसाधारण के लिए जिस नीतिविधान का आदर्श रखा गया है उसी का दिग्दर्शन ये दोनों ग्रन्थ करते हैं जिनको बौद्ध धर्म में सद्गृहस्थों के लिये आदरणीय एवं ग्राह्य मन गया है।

सुत्तपिटके संयुक्तनिकायपालि (४ खण्डों में ) १. सगाथवग्गो २. निदानवग्गो ३. खन्धवग्गो ४.सलायतनवग्गो ५. महावग्गो (हिन्दी अनुवाद सहित), Samyuttanikayapali of Suttapita ( 4 vol. with Hindi translation) 1. Sagath Vagga 2. Nidana Vagga 3. Khandha Vagga Ch 4.Salayatana Vagga 5.Maha Vagga

₹4,200

संयुक्तनिकाय भगवान् बुद्ध के उपदिष्ट सूत्रों के संग्रह है।
समस्त सुत्तपिटक में दार्शनिक दृष्टि से संयुक्तनिकाय का स्थान बहुत महत्वपूर्ण है।