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सिद्धान्तप्रकाशिका सर्वात्मशंभुना विरचिता भाषानुवाद-टिप्पणीसहिता

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श्री सर्वात्मसम्भु इस ग्रन्थ के रचयिता हैं. संपादक के विचार से सर्वात्मासीवा और सर्वात्मसम्भु में कोई  भेद नहीं है. दोनों