संगीत विमर्श

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पुस्तक के पच्चीस अध्यायों को पच्चीस शोध के रूप में देखा जा सकता है. संगीत के प्राचीन और मह्त्त्वपूर्ण आकर ग्रंथों पर आगम के प्रभाव पर कभी गहन शोध नहीं हुआ, न ही इस ढंग से विस्तृत विचार हुआ की संगीत और आगम में परस्पर अतयंतिक सम्बन्ध है, या की इन परस्पर विमर्श आरम्भ हो. दो एक पुस्तकों में संक्षेप में इस पर चर्चा जरूर है.