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Shrividya Varivasya (Sanskrit)

₹200

श्रीविद्या वरिवस्य ब्रह्मकालीन स्वामी श्री हरिहरानंद सरस्वती दीक्षानाम (षोडशनंदनाथ) श्री करपात्री जी महाराज द्वारा अपने ही ग्रन्थ श्रीविद्या रत्नाकर का

Mahanirvana Tantram

₹250

The Mahanirvan Tantram is the most important of all the Tantram that are to be found now. It consists of

ज्ञानार्णवतंत्रम

₹275

ज्ञानार्णव तंत्र का प्रस्तुत संस्करण श्रीविद्या के उपासकों के समक्ष इदं प्रथमतया हिंदी के साथ प्रस्तुत है. प्रस्तुत संस्करण का मूल आनंदाश्रम के मुद्रित मूल पर आधारित है तथा अनेक स्थानों पर पाठों को मंत्रमहोदधि अदि अन्य ग्रंथों से मिलकर शुद्ध किया गया है. श्रीविद-विषयक अनेक ग्रन्थ सम्प्रदायानुसार प्राप्त होते हैं. इनके एक विवेचन आवश्यक है.

विज्ञान भैरव (Sanskrit-Hindi)

₹295

विज्ञान भैरव तंत्रसाधना का अद्वितीय ग्रन्थ है जिसकी व्याख्या आचार्य द्विवेदी जी ने की इस पुस्तक में योग तंत्र एवं साधना का अद्वितीय संगम है तथा उसके सही अर्थ की व्याख्या है. 'इस ग्रन्थ में आचार्य श्री कहते है- "विज्ञानभैरव प्रश्न-प्रतिवचनात्मक शैली में लिखा गया एक अगम ग्रन्थ है. प्रश्न देवी अथवा भैरवी करती है और उसके उत्तर भगवन भैरव देते हैं.

योगिनीहृदयम

₹295

योगिनीह्रदयम भगवती त्रिपुरसुन्दरी की अंतर वरिवस्या का प्रतिपादक ग्रन्थ है. इसमें तीन पटल हैं: चक्रसंकेत, मन्त्रसङ्केत और पूजासंकेत. प्रथम पटल में भगवती के अवतार-स्थान श्रीचक्र का आध्यात्मिक स्वरुप प्रदर्शित किया गया है की किस प्रकार विसटीर्ना तत्त्व विश्वमय बन जाता है. शक्ति के अम्बिकादि तथा शान्तादि चार प्रकारों, वाणी के पारा आदि चार भेड़ों, चार पीठों, चार लिंगों, संख्या-सम्मत २५ तत्त्वों तथा समस्त

Shakti Shiva and Yoga

₹300

The Chief goal of worship is to invoke the powers present in seed-form within the individual. According to different modes

Vijnana Bhairava or Divine Consciousness

₹325

Vijnanabhairava is a very ancient book on yoga. It studiously eschews mechanical worship,external rites and ceremonies and goes directly to the heart of the problem of the union of humanconsciousness withthe Divine. There is no theoretical discussion in the Book.It describes112 types of yoga each of which is a precious gem delineating the mystic approach to the Divine. For this purpose, it makes full use of all the aspects of human life--prana, manas, imagination and intuition.

श्रीचण्डमहारोषणतन्त्रम (संस्कृत मूल एवं हिंदी अनुवाद)

₹325

वज्रयान का यह अत्यंत प्रसिद्ध श्रीचण्ड महारोशण तंत्र  ग्रन्थ है. यह ग्रन्थ प्रथमवार समग्र रूप में प्रकाशित हुआ है. इससे