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कालचक्रतन्त्रम (संस्कृत मूल एवं हिंदी अनुवाद)

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श्री कालचक्रतंत्र का उपदेश यशस्वी राजा सुचन्द्र के प्रश्नों के बाद भगवन तथागत शाक्यमुनि ने किया है. इस ग्रन्थ का

श्रीचण्डमहारोषणतन्त्रम (संस्कृत मूल एवं हिंदी अनुवाद)

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वज्रयान का यह अत्यंत प्रसिद्ध श्रीचण्ड महारोशण तंत्र  ग्रन्थ है. यह ग्रन्थ प्रथमवार समग्र रूप में प्रकाशित हुआ है. इससे

उत्तरतन्त्रशास्त्रम

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वज्रयान का यह अत्यंत प्रसिद्ध उत्तरतन्त्रशास्त्रम ग्रन्थ है. यह ग्रन्थ प्रथमवार समग्र रूप में प्रकाशित हुआ है. इससे पहले इसके कुछ पटल ही रोमन लिपि में प्रकाशित हुए थे.

प्रस्तुत संस्करण हिंदी अनुवाद के साथ होने से भी हिंदी भाषी पाठकों के लिए तथा हिंदी समझने वाले विद्यार्थी एवं तंत्र साधकों के लिए नितांत उपयोगी होगा.