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उत्तरतन्त्रशास्त्रम

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वज्रयान का यह अत्यंत प्रसिद्ध उत्तरतन्त्रशास्त्रम ग्रन्थ है. यह ग्रन्थ प्रथमवार समग्र रूप में प्रकाशित हुआ है. इससे पहले इसके कुछ पटल ही रोमन लिपि में प्रकाशित हुए थे.

प्रस्तुत संस्करण हिंदी अनुवाद के साथ होने से भी हिंदी भाषी पाठकों के लिए तथा हिंदी समझने वाले विद्यार्थी एवं तंत्र साधकों के लिए नितांत उपयोगी होगा.